दरोगा का तबादला हुआ तो ग्रामीणों की नम हुई आंखें 

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दरोगा का तबादला हुआ तो ग्रामीणों की नम हुई आंखें 

ग्रामीणों ने थाना से दी विदाई

नगराम , लखनऊ । पुलिस का नाम सुनते ही आम आदमी के मन में डर बैठ जाता है। पुलिस ने समाज में ऐसी छवि बनायी है कि सभी कहते हैं कि पुलिस की दोस्ती व दुश्मनी खराब है लेकिन कुछ पुलिस वाले ऐसे भी होते हैं जो ऐसी मिसाल पेश करते है, जो अन्य वर्दी वालों के लिए नजीर बन सकती है। आम तौर पर पुलिस के तबादले से जनता को अधिक मतलब नहीं रहता है । लेकिन शनिवार की हुई एक घटना ने साबित कर दिया है कि यदि पुलिस का व्यवहार जनता के प्रति अच्छा होता है तो जनता भी उसका पूरा साथ देती है।तीन साल से यहां पर दरोगा रहे अरविन्द कुमार के तबादले की जानकारी जब ग्रामीणों को हुई तो उनकी आंख नम हो गयी। नगराम क्षेत्र के समाजसेवी संदीप शुक्ला सहित क्षेत्र के बड़ी संख्या में ग्रामीण थाना पर पहुंचे और उन्होंने गले लग कर दरोगा को विदाई दी। समाजसेवी संदीप शुक्ला ने अंग वस्त्र गले में डालकर माला पहनाई दर्जनों ग्रामीणों ने गले में माला डाल कर उन्हें अपने साथ थाना से बाहर लाये। किसी पुलिस वाले के लिए ऐसा सम्मान कम ही सुनने व देखने को मिलता होगा। नगराम थाना में पदस्थ रहे दरोगा अरविन्द कुमार का व्यवहार व लोगों की सेवा में तत्पर रहने की आदत से ग्रामीण बहुत प्रभावित रहते थे और तबादले की जानकारी मिलते ग्रामीण दु:खी हो गये। क्षेत्रिय लोगो की माने तो अरविन्द कुमार ने क्राइम कंट्रोल करने के साथ लोगों की समस्याओं का भी समाधान किया था। उनका व्यवहार इतना अच्छा था कि किसी को भी थाना पर जाकर अपनी समस्या कहने में डर नहीं लगता था। दरोगा जी के इसी स्वभाव से जनता उनकी भक्त हो चुकी थी और नम आंखों से दरोगा जी को विदाई दी गयी। समाजसेवी संदीप शुक्ला सहित क्षेत्रीय जनता ने कहा कि दरोगा जी इतने अच्छे हैं कि जहां पर रहेंगे वहां की जनता का भला व सेवा ही करेंगे। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मुहम्मद असरफ ने कहा कि वर्दी में छिपे इंसान को दिखाया जाये तो जनता उनकी मुरीद बन सकती है। वहीं थाना से लेकर क्षेत्र के लोगों का प्यार देखकर दरोगा जी भी भावुक हो गए।

ब्युरो रिपोर्ट -आशीष यादव/ रिपोर्ट सर्वेश शुक्ला

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