यूपी/अमेठी-परिवार नियोजन के तहत जनपद में 1989 महिलाओ ने करायी नसबंदी,59863 ने खाई ओरल पिल्स की गोलियां
चंदन दुबे की रिपोर्ट
कोविड-19 के कारण बाधित हुईं स्वास्थ्य सेवाओं को सरकार अब धीरे-धीरे फिर से शुरू कर रही है।आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के बाद अब परिवार नियोजन की सेवाओं को भी बहाल करने के निर्देश दे दिए गये हैं।परिवार नियोजन के जिला डिस्ट्रिक्ट फैमिली प्लानिंग सपेशलिस्ट अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि परिवार नियोजन हेतु शासन से व्यापक व्यवस्था की गयी है। जिसमें स्थायी एवं अस्थायी साधन के द्वारा परिवार नियोजन अपनाया जा सकता है।अभी तक जनपद में वर्ष 2019-20 के माध्यम से महिला नसबंदी 1989,पुरूष नसबंदी 3, आईयूसीडी 12343 पीपीआईयूसीडी 3803, अन्तरा 2468, ओरल पिल्स 59863 एवं कंडोम 372997 का प्रयोग कर परिवार नियोजन पर कार्य किया गया।
अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि स्थायी उपाय के तहत महिला एवं पुरूष नसबंदी के साथ ही साथ अस्थायी उपाय में अन्तरा इन्जेक्शन छाया एवं माला गोलियां है।अन्तरा इन्जेक्शन तिमाही इन्जेक्शन है इसको शुरू करने से पहले प्रशिक्षित चिकित्सक द्वारा जांच कराना अत्यन्त आवश्यक है।प्रसव होने के छः सप्ताह बाद,प्रसव होने के तुरन्त बाद,माहवारी शुरू होने के सात दिन के अन्दर इसका प्रयोग किया जा सकता है।उन्होने बताया कि अन्तरा का प्रयोग रक्तचाप ज्यादा हो,अकारण योंनि से रक्तश्राव,प्रसव के छः सप्ताह के भीतर मधुमेह की बीमारी या लीवर की बीमारी हो।इसके अलावा छाया का प्रयोग पहले तीन महीनो तक,सप्ताह में दो बार चैथे महीने से सप्ताह में एक बार खानी होती है।एक पत्ते में आठ गोली होती है।प्रसव के तुरन्त बाद,माहवारी के तुरन्त बाद या गर्भपात होने के बाद तुरन्त या सात दिन के अन्दर सेवन करना चाहिए।अण्डाशय में सिस्ट बच्चेदानी के मुंह में बदलाव,पीलिया या लीवर की बीमारी,किसी भी प्रकार की एलर्जी,कोई भी गंभीर बीमारी टी.बी. या गुर्दे की बीमारी हो तो सेवन नही करना चाहिए।उन्होने बताया कि आईयूसीडी प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ता के द्वारा गर्भाशय के अन्दर लगायी जाती है।375 आईयूसीडी पांच साल के लिए प्रभावी है। 380 ए आईयूसीडी दस साल के लिए प्रभावी है।दोनो ही आईयूसीडी प्रसव के बाद अन्तराल व गर्भपात के बाद लगायी जा सकती है।