सुलतानपुर-क्या अभी ब्रिटानिया हुकूमत में जी रही हैं सुलतानपुर पुलिस?देखे रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट
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KDNEWS सुलतानपुर-क्या अभी ब्रिटानिया हुकूमत में जी रही हैं सुलतानपुर पुलिस?देखे रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट
सुलतानपुर
ANCHOR- ब्रितानी हुकूमत की याद दिलाती हैं यह घटना आप देखेंगे तो आप की भी रूह कांप जाएगी कि क्या आज भी हम अंग्रेजो के समय मे जी रहे हैं और यह पुलिस अंग्रेजो के समय की है।हद तो तब हो जाती हैं कि यह पुलिस रिटायर्ड हो चुके आर्मी कैप्टन के परिजनों को हिरासत में ले कर थर्ड डिगी भी इस कदर अपनाई गई जैसे वे बहुत बड़े मुजरिम हों। हम बात कर रहे हैं सुल्तानपुर जनपद के देहात कोतवाली क्षेत्र के पन्ना टिकरी गांव का। इसी गांव के रहने वाले रामनाथ पाठक आर्मी से रिटायर्ड कैप्टन हैं। लॉक डाउन के चलते इनके घर के सभी पढ़ने लिखने वाले बच्चे इस समय घर पर ही हैं। इनके पड़ोस गांव के रहने वाले श्याम नारायण इसी गांव में अपना ईंट भठ्ठा चलाते हैं। इसी ईंट भट्ठे के आगे रामनाथ पाठक का बाग़ है। लेकिन भठ्ठे के चलते ये रास्ता पूरी तरह खराब हो चुका है। बीते 18 जून को रामनाथ पाठक के बच्चे और भतीजे समेत कुल 6 लोग अपने बाग़ गये हुये थे। वापस लौटते समय इन लोगों ने श्याम नारायण से फिर एक बार सड़क सही करवाने की बात कही। लेकिन रास्ता ठीक करवाने के बजाय ईंट भट्ठा मालिक से साफ़ मना कर दिया। इस पूरे मामले पर रिटायर्ड आर्मी कैप्टन रामनाथ पाठक ने जानकारी दी
बाइट- रामनाथ पाठक- रिटायर्ड आर्मी कैप्टन
वही जिस तरीके से फौजी का परिवार पुलिस पर आरोप लगा रहा है और अपने शरीर पर लगे चोटों को दिखा रहा है उससे
जनता में पुलिस के इस कृत्य से चर्चा बनी है वही पीड़ित रामनाथ पाठक ने आरोप लगाते हुए जानकारी दी कि थाने पर पहुंचे लेकिन कोई सुनवाई नही हुई आखिरकार पुलिस ने बच्चों को छोड़ने के लिए 15 हज़ार रुपए लिये और 24 घंटे बाद इनका 151 में चालान कर दिया गया। इसी की शिकायत करने रिटायर्ड कैप्टन पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचे, लेकिन उनसे मुलाकात न हो सकी। हलाँकि सुल्तानपुर पुलिस द्वारा जारी व्हाट्सएप्प नम्बर पर उन्होंने अपनी शिकायत भेज दी है और न्याय की आस में लगे हुये हैं।इस पूरे घटना की की सिलसिले वार जानकारी देते हुए पीड़ित शुभम पाठक ने बताया-/
बाईट-पीड़ित शुभम पाठक