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न बनने वाले शौचालयों की फोटो अपलोड,आ रहा है बड़ा घोटाला, जांच शुरू – रायबरेली :

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न बनने वाले शौचालयों की फोटो अपलोड,आ रहा है बड़ा घोटाला, जांच शुरू

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रायबरेली : स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों के निर्माण में जमकर फर्जीवाड़ा हो रहा है। धरातल पर काम न कराकर सिर्फ कागजों का पेट भरा जा रहा है। पहले भी इसके कई उदाहरण सामने आ चुके हैं। हाल ही में ऐसा ही एक और मामला प्रकाश में आया है।

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  • प्रकरण रोहनिया ब्लॉक के उमरन ग्राम पंचायत का है। उल्लेखनीय है कि यहां 200 लाभार्थियों के शौचालय बनवाने के लिए 12000 रुपये की दर से धनराशि ग्राम पंचायत को उपलब्ध कराई गई थी। इनमें से 151 शौचालयों की फोटो एप्रूव्ड हो गई। यानी कि इतने शौचालय ग्राम पंचायत में बन चुके हैं, मगर जिला पंचायत राज अधिकारी उपेंद्र राज सिंह ने जब टीम भेज कर मौके पर जांच कराई तो वहां महज 40 शौचालय ही पूर्ण मिले। शेष शौचालय या तो अधूरे थे या फिर काम चल रहा था। 111 शौचालयों की भ्रामक रिपोर्ट भेज दी गई थी। यही नहीं कई शौचालय ऐसे भी देखे गए जिनमें सिर्फ आगे की दीवार पर प्लास्टर कराकर उसकी फोटो खिचवाई गई और फिर पूर्ण दिखाते हुए वेबसाइट पर अपलोड भी कर दिया गया।

    इनसेट

  • उसरैना सचिव पर चेतावनी बेअसर –
  • रेंडम चेकिग में रोहनिया ब्लॉक के उसरैना में भी मनमानी पकड़ी गई। 100 शौचालयों के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन सिर्फ 21 शौचालयों की फोटो ही वेबसाइट पर फीड कराई गई। शेष का निर्माण मौके पर अपूर्ण या बंद मिला। इससे पहले भी ग्राम पंचायत के सचिव को सीडीओ और डीपीआरओ ने लापरवाही पर नोटिस दी थी। सुधार हुआ न ही अफसरों को कोई जवाब मिला।
  • दी गई है नोटिस : डीपीआरओ
  • रोहनिया ब्लॉक के एडीओ सत्य प्रकाश मिश्र, उमरन के सचिव अंकित कुमार और उसरैना के सचिव रामदत्त त्रिवेदी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। तीन दिन के अंदर जवाब मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    -उपेंद्र राज सिंह, डीपीआरओ
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