45 साल पुराने किशोर हत्या कांड में सजा बहाल, दोषी सगीर अहमद ने किया सरेंडर, जेल भेजा गया
45 साल पुराने किशोर हत्या कांड में सजा बहाल, दोषी ने कोर्ट में किया सरेंडर — जेल भेजा गया
सुल्तानपुर। 45 वर्ष पुराने किशोर हत्या मामले में हाईकोर्ट द्वारा सेशन कोर्ट के फैसले को बहाल किए जाने के बाद दोषी सगीर अहमद ने सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। सीजेएम नवनीत सिंह की अदालत ने सरेंडर के बाद उसे सजा काटने के लिए जेल भेजने का आदेश जारी किया।
मामला अमेठी जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र का है। 14 अप्रैल 1981 को स्थानीय निवासी अब्दुल वशीर के 10 वर्षीय पुत्र रेहान उर्फ बब्लू की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में लखनऊ के चौक कोतवाली क्षेत्र के जमवारी टोला निवासी सगीर अहमद का नाम सामने आया था, जिसे रिश्ते में मृतक का मामू बताया गया।
घटना के बाद दर्ज मुकदमे में पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोप पत्र दाखिल किया। सेशन कोर्ट ने 25 अगस्त 1984 को सगीर अहमद को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई थी। फैसले के खिलाफ दोषी ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी, जहां सुनवाई के दौरान उसे जमानत मिल गई थी।
हाल ही में 22 जनवरी को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अपील खारिज करते हुए सेशन कोर्ट के फैसले पर मुहर लगा दी और दोषी को दो सप्ताह के भीतर सीजेएम कोर्ट में सरेंडर करने का आदेश दिया। आदेश के अनुपालन में सगीर अहमद ने आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद अदालत ने उसे जेल भेज दिया।
सुलतानपुर में नई एसपी चारू निगम की पैदल गश्त | चौक इलाके में सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण
सुल्तानपुर न्यूज, अमेठी हत्या कांड, 1981 मर्डर केस, सगीर अहमद, सीजेएम कोर्ट सुल्तानपुर, हाईकोर्ट लखनऊ बेंच, उम्रकैद सजा, किशोर हत्या मामला, कोर्ट सरेंडर, सेशन कोर्ट फैसला
Comments are closed.