KDNEWS-केंद्रीय मंत्री के क्षेत्र में जर्जर ध्वस्त हुई सड़क खोल रही विकास की पोल,गड्ढा मुक्त सड़क की दावा हुआ फेल

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@यूपी/अमेठी-केंद्रीय मंत्री के क्षेत्र में जर्जर ध्वस्त हुई सड़क खोल रही विकास की पोल,सांसद बनने के बाद 6 महीने के अंदर गड्ढा मुक्त सड़क की दावे हुआ फेल

चंदन दुबे की रिपोर्ट

खबर यूपी के वीवीआईपी क्षेत्र अमेठी से है जहां विकास के दावे की पोल खोलती वहां की सड़के अपने आप पर अफसोस कर रही हैं। क्षेत्र की जर्जर सड़कें खुद-ब-खुद विकास की पोल खोल रही हैं। इन मार्गो पर आए दिन राहगीर गिरकर चोटिल होते रहते हैं।इतना ही नहीं,इस रास्ते से अधिकारी भी गुजरते हैं लेकिन बन्द गाड़ी होने के कारण किसी को कुछ दिखाई ही नहीं पड़ता है।कुछ इसके बावजूद विभागीय अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं देते हैं।अर्से पूर्व निर्मित की गई सड़कों की मरम्मत आज तक नहीं की गई।क्षेत्र की सड़कें गड्ढों में समा चुकी हैं।बरसात में तो भ्रम हो जाता है कि कभी यहां सड़क भी थी। सड़कों के ऊपर से बहता हुआ पानी किसी तालाब का माहौल दिखाई पड़ता है।वाहन बिना हिचकोले के नहीं निकलते।कभी एक्सल टूट जाता है तो कभी बाइक फिसल जाती है।सरकारी अफसर या नेता तो भले ही सड़कों के चमाचम होने का दावा करें लेकिन हकीकत तो कुछ और ही है।

बता दे कि ये तारीफ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अमेठी जिले के मुसाफिरखाना से पारा मार्ग की है जो बेहद जर्जर हो गई है जिस पर आए दिन राहगीर हादसों के शिकार हो रहे हैं।सड़क गारंटी अवधि में होने के बाद भी ठेकेदार व अफसर मरम्मत कराने की सुध नहीं ले रहे हैं।

बता दे कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के अन्तर्गत मुसाफिरखाना से पारा मार्ग तक 4 करोड़ 60 लाख 66 हजार रुपए की अनुमानित लागत से 5.560 किमी सड़क का 2016 में निर्माण हुआ था।4 साल से कम समय में ही सड़क पर जगह-जगह गड्ढे चुके हैं। मुसीबत बनी इस सड़क पर दर्जन लोग चोटिल भी चुके है।

आज मार्ग की स्थिति यह है कि जगह-जगह जानलेवा गढ्डे हो गए हैं। इन्हीं गडढों में फंसकर आए दिन कोई न कोई दो पहिया वाहन सवार गिरता है जबकि सड़क की गारंटी अवधि भी नहीं पूरी हुई है इसके बावजूद सुधि लेने वाला कोई नहीं है।यही हाल क्षेत्र के थौरी संपर्क मार्ग का भी है। 7 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर दर्जनों गांवों के लोगों का आवागमन होता है।ग्रामीणों की मांग पर सड़क का निर्माण भी कार्यदायी संस्था द्वारा कराया गया लेकिन यह भी मार्ग अब लोगों के लिए दुखदायी साबित हो रहा है।ऊबड़-खाबड़ सड़कों पर बड़े-बड़े पत्थर पड़े हुए हैं।इसी के बीच से लोग आवागमन कर रहे हैं।सड़क की जर्जर हालत देखते हुए कांग्रेसी एमएलसी दीपक ने भी 6 जुलाई को डीएम अमेठी को सड़क की दशा को सुधारने के लिए पत्र भी पत्र लिखा है।

क्या बोले राहगीर व ग्रामीण

ग्रामीणो व राहगीरों ने बताया कि सड़क जर्जर होने की शिकायत आला अधिकारियो तक की जा चुकी है।इसके बाद भी सड़क का मरम्मत कार्य नहीं हो रहा है।अब सड़क से डामरीकरण भी गायब होने के कगार पर पहुंच चुका है।

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