यूपी/अमेठी-बच्चों की सेहत का ध्यान में रखते हुए शुरू हुआ कृमि मुक्ति अभियान,630275 बच्चो को दी जायेगी दवा
चंदन दुबे की रिपोर्ट
करोना काल में स्वास्थ्य विभाग बच्चों की सेहत का खास ख्याल रख रहा है। कोविड प्रोटोकॉल के अंतगर्त जनपद में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान शुरू किया गया है
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एन.के. मिश्रा (आरसीएच) ने बताया कि जनपद के 1 से 19 वर्ष तक के 630275 बच्चों को एल्बेंडाजोल की कृमि मुक्ति दवा खिलाई जाएगी। कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्र बंद होने की वजह से फ्रंट लाइन वर्कर घर-घर जाकर दवा खिलाएंगे।उन्होने कहा कि बच्चों के शरीर को स्वास्थ्य रखना है तो हर छह माह में एक बार पेट में कीड़े मारने वाली दवाई (अल्बेनडाजोल) को लेना चाहिए।पेट में कीड़े होने के कारण कुपोषण व खून की कमी होती है।जिसके कारण हमेशा थकावट रहती है।उन्होंने कहा कि संपूर्ण शारीरिक और मानसिक विकास नहीं होता इसलिए हर छह महीने में एक साल से 19 साल तक के सभी बच्चों को कृमि की गोली खानी चाहिए।आमतौर पर 1 से 6 वर्ष के बच्चों को एल्बेंडाजोल की टेबलेट आंगनबाड़ी केंद्र तथा 6 से 19 वर्ष के बच्चों को विद्यालयों के माध्यम से एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाती है।लेकिन मौजूदा समय को देखते हुए फ्रंट लाइन वर्कर घर-घर जाकर अभियान को पूरा करेगे।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक बसन्त राय ने बताया कि बच्चों को खुले में शौच जाने से अस्वच्छता के कारण बच्चों के आंतों में कीड़े उत्पन्न हो जाते हैं,जिसके कारण बच्चे जल्दी जल्दी बीमार पड़ते हैं।पेट में कीड़े होने के कारण कुपोषण व खून की कमी होती है।जिसके कारण हमेशा थकावट रहती है।जिसके कारण बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास नही होता है।