@अमेठी-शरीरिक शिक्षा एवं योग विभाग द्वारा वर्तमान कोरोना महामारी की स्थिति में तनाव प्रबंधन विषय पर आयोIजित ऑनलाइन वेबिनार
चंदन दुबे की रिपोर्ट
रणवीर रणंजय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अमेठी में शारीरिक शिक्षा एंव योग विभाग द्वारा वर्तमान महामारी की स्थिति में तनाव प्रबन्धन विषय पर आयोजित आन-लाइन वेबिनार को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय शारीरिक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अभिमन्यु सिंह ने कहा कि हर गाँव में एक पाठशाला के साथ ही एक व्यायामशाला भी होना चाहिए।हमारा शरीर मशीन नहीं है एक सीमा के बाद कार्य का दबाव तनाव उत्पन्न करता है।कार्य स्थल जहां हम कार्य करते है वहां का पर्यावरण,लोगों का व्यवहार भी तनाव को जन्म देता है।हमारी आकांक्षा अव्यवहारिक होगी तब भी तनाव की स्थिति बनेगी।तनाव की स्थिति में हमें अधिकांश समय मित्रों एंव परिवार के लोगों के बीच व्यतीत करना चाहिए।हमें खुलकर हंसने का प्रयास करना चाहिए।पं रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ शारीरिक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो सी डी अगासे ने कहा कि आज सोशल मीडिया भी तनाव उत्पन्न करता है।हमारी निरंतर बढती आकांक्षा तनाव को जन्म देता है।डाॅ प्रशांत कुमार राय ने कहा कि आसन एंव प्राणायाम तनाव को कम करता है।योग केवल मन और शरीर को ही स्वास्थ्य नहीं करता बल्कि पुरुषार्थ की ओर ले जाता है।डाॅ संदीप कुमार राय ने कहा कि आहार क्षेत्र के अनुरूप होना चाहिए।भारत में उदारीकरण के बाद आहार में काफी बदलाव आया है।आहार स्थान,समय,उम्र और पर्यावरण के अनुसार होना चाहिए। शारीरिक श्रम के अनुसार आपको ऊर्जा आहार में मिलना चाहिए।स्वागत करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ त्रिवेणी सिंह ने कहा कि वर्तमान महामारी ने तनाव की स्थिति को बढा दिया है।वेबिनार का संचालन संयोजक डाॅ दुष्यन्त प्रताप सिंह ने किया तथा सभी के प्रति आभार आयोजन सचिव डाॅ भगवती थीटे ने व्यक्त किया।