KDNEWS-सात दिवसीय कार्यशाला का हुआ समापन
@सुल्तानपुर-सात दिवसीय कार्यशाला का हुआ समापन
रिसर्च एप्रोवेज एंड डिजिटल लर्निंग टूल्स विषय पर पिछले 7 दिनों से आयोजित थी कार्यशाला
कमला नेहरू भौतिक एवं सामाजिक विज्ञान संस्थान सुल्तानपुर द्वारा कराया गया था आयोजन
कई विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर्स ने लिया हिस्सा, लोगों की जिज्ञासाओं का दिया जवाब
अंतिम दिन USA पेंसिल वेनिया के रिसर्च एडवाइजरी मेम्बर ने विभिन्न पहलुओं पर डाला प्रकाश
रिसर्च एप्रोचेजएण्ड डिजिटल लर्निंग टूल्स विषयक सप्त दिवसीय अन्तरविषयक कार्यशाला का समापन हुआ
शिक्षकों को हमेशा अपडेट रहना होगा
कमला नेहरु भौतिक एवं सामाजिक विज्ञान संस्थान में रिसर्च एप्रोचेजएण्ड डिजिटल लर्निंग टूल्स विषय पर सप्तदिवसीय अन्तर्विषयक कार्यशाला के सातवें दिन प्रातः कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ 0 रा0म0लो0अवध विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष तथा के एन आई संस्थान के अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष एवं कार्यशाला संयोजक डॉ 0 विजय प्रताप सिंह ने विद्वान वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के स्वागत एवं परिचय के साथ किया। उन्होंने कहा कि आज के समय मेंसूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन चुकी है। आई सी टी एक कठिन विषय है इस के साल्यूशन को क्रिएट करने के लिए कठिन परिश्रम की आवश्यकता है।
प्रात कालीन सत्र में विजेता सिंह , रिसर्च एडवाइजरी मेंबर, पेंसिल वेनिया यूं एस ए ने रिसर्च पेपर प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि रिसर्च पेपरके रिसो पब्लिकेशन प्रोसेज , इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी, रिसर्च पेपर लिखने से संबंधित एथिकल गाइड लाइन, मिसकन्डक्टिंग द पेपर, प्लैगरिज्म आदि के बारे में वृहद् वह व्योरेवार विवरण प्रस्तुत किया। रिसर्च पेपर से संबंधित एब्सटरैक्ट, इन्टरोडक्शन , लिटरेचर रिव्यू , रिसर्च मैथालाजी , कनक्लूजन के बारे में जानकारी दी। एम आर सी टी फ्रेमवर्क के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा मोटीवेशन , रिजल्ट, कन्टरीव्यूशन , इम्प्लीमेशन जो कि रिसर्च के महत्त्वपूर्ण अंग है, के बारे में उदाहरण के माध्यम से अपने विचारों को अभिव्यक्त किया। अंत में प्रतिभागियों के प्रश्नों का प्रत्युत्तर देकर उनके जिज्ञासा का समाधान किया।
कार्यशाला के द्वितीय सत्र में प्रो जसवंत सिंह, डिपार्टमेंट आफ इनवायरमेंट साइंस डा0रा0म0लो0अवध विश्व विद्यालय, अयोध्या नेरिसर्च पेपर लिखने के उद्देश्य, इम्पैक्ट ,तत्त्व आदि के बारे में हमारे प्रतिभागियों को विस्तृत जानकारी प्रदान की।साथ ही ओजोन डिस्ट्रक्शन साइकिल ,यूं वीं रेडिएशन, मेजर थीम्स आप पोलर साइंस, प्रजेंस आप मैगनेटिक एण्ड जियो ग्रैफिक पोलरिस के बारे में जानकारी प्रदान की।
तीसरे सत्र में प्रो0आर0सी0शोबती , पूर्व कुलपति पंजाब विश्वविद्यालय एवं वी0वी0ए0यूनिवर्सिटी , लखनऊ ने समसामयिक महामारी कोरोना –19 से संबंधित SARSCOV-1 एवं SARS COV-2 के बारे में विस्तार एवं सारगर्भित व्याख्यान के माध्यम से हमारे प्रतिभागियों को लाभान्वित किया। कोरोनावायरस के प्रसार एवं बचाव का उपाय भी बताया। चौथे सत्र में प्रो0राम लखनऊ सिंह, वाइस चांसलर, नीलाम्बर पीताम्बर विश्व विद्यालय , झारखंड ने डिजिटल टूल्स के महत्ता एवं उपयोग पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान प्रो0यशवन्त सिंह पूर्व प्राचार्य के एन आई पी एस एस तथा वर्तमान प्राचार्य डॉ 0 राधेश्याम सिंह ने प्रतिभागियों से कहा कि पब्लिक स्पीकिंग में प्रजन्टेबल वाइस होना चाहिए। हमें ऐसी टीम की जरूरत है जो क्रिएटिविटी के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा ईकन्टेंट की उपयोगिता के अनुसार ही छात्रों को रूचि उसमे बनी रहती है। यदि हम शिक्षकरूचिकर कंटेंट नहीं उपलब्ध करवाएंगे , तो हमारे छात्रों क्लास में रूचि नहीं लेंगे।
व्याख्यान पर आधारित वस्तुनिष्ठ प्रश्न फीडबैक के रूप में प्रतिभागियों को दिया गया, जिन्हें हल करके शाम तक स्मिट करना अनिवार्य है। कार्यशाला समापन के अवसर पर डॉ 0 वी0पी0सिंह संयोजक कार्यशाला ने समस्त रिसोर्स पर्सन एवं प्रतिभागियों का थन्यवाद ज्ञापित किया तथा डा0आर0एन0सिंह सचिव कार्यशाला ने हफ्ते भर किए गए कार्यक्रम का विवरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में उप प्राचार्य डॉ 0 एस के सिंह, डा0 बिहारी सिंह, डॉ 0 प्रतिमा सिंह, डॉ 0 सुनील प्रताप सिंह, डॉ 0 प्रवीन कुमार सिंह, डॉ 0 अवधेश दूबे, संजय पांडे सहित अन्य की भूमिका रही।