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मध्यप्रदेश-युवक की एक्सीडेंट में हुई मौत, चांदपुर रहली के युवकों की कार पेड़ से टकराने से हुआ हादसा

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*युवक की एक्सीडेंट में मौत के बाद बेसहारा हो गया परिवार*

*गत दिवस चांदपुर रहली के युवकों की कार पेड़ से टकराने से हुआ था हादसा*

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रिपोर्ट-दिनेश सिंह

मध्यप्रदेश- गत दिवस चांदपुर रहली के युवकों की कार पेड़ से टकराने से तेन्दूखेड़ा से 25 किलोमीटर दूर एक दर्दनाक हादसे मे तीन युवकों को दर्दनाक मौत हो गई थी। गौरतलब है कि बारात में राई नृत्य देख कर लौटे चार युवकों की कार अभाना तेजगढ़ मार्ग पर एक पेड़ से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार रहली चांदपुर क्षेत्र के भैंसा गांव से तेजगढ़ थाने के बीजा डोंगरी गांव में लोधी परिवार में मंगलवार रात बारात गई थी इस मौके पर बारातियों के स्वागत मनोरंजन के लिए ग्रामीण परंपरा के अनुसार राई नृत्य का आयोजन भी किया गया था जिसमें नृत्य को देखकर बारात में शामिल कुछ युवक नशे में बहकने लगे जिस पर मौजूद लोगों द्वारा आपत्ति जताए जाने पर आपसी वाद विवाद के बाद गुस्से में यह युवक देर रात कार से वापस अपने गांव के लिए रवाना हो गए। कुछ देर बाद ही इनकी कार बीजा डोंगरी अभाना मार्ग पर दसोदा पुल के पास एक पेड़ से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में करोड़ी लोधी निवासी भैंसा चांदपुर और प्रिंस लोधी निवासी भूसा कमलपुर थाना विनायका की मौत हो गई थी। वहीं घटना में घायलों का जबलपुर में इलाज चल रहा है। इस हादसे में खास बात यह है कि युवक करोड़ी अपने परिवार को इकलौता जिम्मेदार व्यक्ति था। उसकी मौत हो जाने के बाद उसका पूरा परिवार बेसहारा हो गया है। कड़ोरी दो भाई थे, कड़ोरी के बड़े भाई घस्सी की मौत एक साल पहले एक हादसे में हो गई थी। अब कड़ोरी की मौत हो जाने से उनका पूरा परिवार बेसहारा हो गया है। मृतक कड़ोरी के पिता कोमल सिंह लोधी पैरालिसिस से ग्रसित होने के कारण वर्षो से बिस्तर पर हैं, उनकी मां की आंखें खराब है जिनसे वर्षो से दिखाई नहीं देता। अब पूरे परिवार में कड़ोरी की पत्नी और चार मासूम बच्चे हैं, जिनकी उम्र तीन साल से लेकर आठ साल के बीच हैं, वहीं परिवार में उनकी विधवा बड़ी भाभी और उनके दो युवा बच्चे हैं। इस हादसे के बाद सभी के लिये यह संकट खड़ा हो गया है कि इतने बड़े परिवार की देखभाल करने के लिये कोई पुरूष उनके घर में नहीं बचा है और बीमार माता-पिता सहित पूरा परिवार सदमें मे हैं कि अब क्या होगा। लेकिन इस सवाल का जबाब किसी के पास नहीं हैं। सांत्वना देने वालों की भी आंखे भर आती हैं और वह ईश्वर के इस विधान पर निशब्द रह जाते हैं।

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